मोबाइल नंबर को पोर्ट कैसे करें


मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कैसे करें, मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करने का सही तरीका क्या है, मोबाइल सिम कार्ड नंबर की सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) को कैसे बदले, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) कैसे करे. – इस पोस्ट में मै आपको मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करने की जानकारी दूंगा. पिछली पोस्ट्स में मैने बताया था कि फेसबुक पर हमे क्या क्या शेयर नहीं करना चाहिये, और गूगल क्या होता है गूगल को किसने बनाया है.

हमारे देश में बहुत सारी सेल्युलर कंपनियां (Cellular Companies) मौजूद है, जो हमे अच्छे नेटवर्क के साथ साथ बेहतरीन फीचर्स प्रोवाइड करती है. लेकिन ये ज़रूरी नहीं है कि हम जिस सेल्युलर कंपनी का मोबाइल सिम कार्ड (Mobile Sim Card) यूज़ करते है, हमे उसका नेटवर्क या फीचर्स पसंद आए. हो सकता है, दूसरी सेल्युलर कंपनी और भी अधिक फीचर्स या अच्छा नेटवर्क प्रोवाइड कर रही हो.


अगर ऐसा होता है, तो हमारा मन दूसरी सेल्युलर कंपनी का सिम कार्ड (Sim Card) खरीदने के लिये करता है. क्योंकि हम भी उस सेल्युलर कंपनी के बेहतरीन फीचर्स, अच्छा नेटवर्क, और सस्ते प्लान का फायदा लेना चाहते है. लेकिन जब हम देखते है कि हम अपना पुराना मोबाइल सिम कार्ड नंबर चेंज (Mobile Sim Card Number Change) नहीं कर सकते, या अन्य मोबाइल सिम कार्ड को अपने फोन में इनसर्ट नहीं कर सकते, तो निराश हो जाते है. और अपने पुराने मोबाइल सिम कार्ड को ही मजबूरी में यूज़ करते रहते है.

लेकिन अब हमे निराश होने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अब मोबाइल नंबर पोर्टेबिलीटी (Mobile Number Portability) की सुविधा उपलब्ध है. जिसके तहत अगर हम अपने मौजूदा सर्विस प्रोवाइडर (Service Provider) से खुश नहीं है, तो हम मोबाइल नंबर बदले बिना अपने मोबाइल सिम कार्ड की सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) को बहुत आसानी से बदल सकते है.


बहुत मोबाइल यूज़र्स को इसके बारे में नहीं पाता होता कि मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कैसे करे, मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करने का सही तरीका क्या है, मोबाइल सिम कार्ड नंबर की सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) को कैसे बदले, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) कैसे करे. अगर आप भी इसके बारे में नहीं जानते तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़े. आज हम इसी के बारे में बात करने वाले है.

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलीटी (Mobile Number Portability) क्या है

लगभग हर इंसान मोबाइल फोन (Mobile Phone) को यूज़ करता है. इन मोबाइल फोन्स में एक, दो या इनसे भी ज़्यादा मोबाइल सिम कार्ड का उपयोग किया जाता है. अधिकतर लोग दो सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन ही यूज़ करते है. जिससे वे दो अलग अलग सेल्युलर कंपनी के मोबाइल सिम कार्ड को यूज़ करके उनके फीचर्स, नेटवर्क, प्लान, आदि का आनंद ले सके.

लेकिन अगर आप अपने वर्तमान सर्विस प्रोवाइडर (Current Service Provider) से परेशान हो चुके है, और जिस सेल्युलर कंपनी का मोबाइल सिम कार्ड आप यूज़ करते है, उसके फीचर्स, नेटवर्क, और प्लान आदि आपको पसंद नहीं है. तो आप बिना अपना नंबर बदले, अपने वर्तमान सर्विस प्रोवाइडर को चेंज कर सकते है. इसी को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) कहते है. चलिए जाने कि मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करने का तरीका क्या है.

मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कैसे करें

जब से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) की सुविधा आई है, तब से ही रोज़ाना ना जाने कितने मोबाइल नंबर पोर्ट होते है. हम देश के किसी भी कोने में जाकर बहुत आसानी से अपना मोबाइल नंबर पोर्ट करा सकते है. ये कोई मुश्किल नहीं है. इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप जान जाएंगे कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) क्या है, अपना मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कैसे करे, और इसके फायदे और नुकसान क्या है. अगर आप भी किसी दूसरी सेल्युलर कंपनी में अपना कोई मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करना चाहते है, तो नीचे बताए स्टेप्स को फोलो करे.

स्टेप 1. मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) के लिये मैसेज करे

  1. सबसे पहले आप अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर PORT टाइप करे, इसके बाद स्पेस देकर अपना वर्तमान मोबाइल नंबर टाइप करे. और इसके बाद इस मैसेज को 1900 पर सैंड करे.
  2. 1900 पर मैसेज को सैंड करने के बाद हमारे मोबाइल नंबर पर एक नया मैसेज रिसीव होगा. जिस में एक यूपीसी कोड होगा. इस यूपीसी कोड को हमे संभाल कर रखना है.

स्टेप 2. सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) के स्टोर पर जाये

  1. अब आप जिस सेल्युलर कंपनी में अपना वर्तमान मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कराना चाहते है, उसके ऑफिस, शोरूम या स्टोर में जाये. और यूपीसी कोड को देकर नया मोबाइल सिम कार्ड प्राप्त करे.
  2. मोबाइल सिम कार्ड प्राप्त करने से पहले हमे एमएनपी फोर्म को भरने के साथ अपने ज़रूरी दस्तावेज़ भी जमा कराने होते है. और कुछ चार्ज भी देना पड़ता है.

उसके बाद अगले 7 दिन के अंदर अंदर हमारा नया मोबाइल सिम कार्ड एक्टिव (New Mobile Sim Card Active) हो जाता है. और पुराना मोबाइल सिम कार्ड बदं हो जाता है. इस तरह से हम किसी भी सर्विस प्रोवाइडर या सेल्युलर कंपनी में अपना कोई भी मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करा सकते है. एक बात और ध्यान रखे, जब तक हमारे पुराने मोबाइल सिम कार्ड में नेटवर्क (Network) आते रहे, उसे तब तक अपने मोबाइल फोन में ही रहने दे. जैसे ही अगले 7 दिनो के अंदर पुराने सिम कार्ड के नेटवर्क आना बंद हो जाए, तो नया मोबाइल सिम कार्ड फोन में इनसर्ट (Insert) करले.

मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कराने से पहले क्या क्या ध्यान रखे

  • हमारे वर्तमान मोबाइल सिम कार्ड में इतना बैलेंस होना ज़रूरी है कि एक मैसेज भेजा जा सके.
  • मोबाइल सिम कार्ड का बैलेंस माइनस (Minus) में नहीं होना चाहिये.
  • मोबाइल सिम कार्ड से कोई लोन लिया हुआ नहीं होना चाहिये.
  • वर्तमान मोबाइल सिम कार्ड नंबर कम से कम 90 दिन पुराना होना चाहिये
  • कोई बिल पेंडिंग (Bill Pending) में नहीं होना चाहिये.
  • उस मोबाइल सिम कार्ड नंबर की पुलिस में रिपोर्ट नहीं होनी चाहिये.

मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कराने के फायदे क्या है

  • अगर हमे जॉब के सिलसिले में 1-2 साल एक शहर में और 1-2 साल दूसरे शहर में रहना पड़ता है, तो हम वहां के हिसाब से सबसे अच्छी सुविधा देने वाली सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) का उपयोग कर सकते है.
  • अगर वर्तमान सर्विस प्रोवाइडर (Current Service Provider) के प्लान बहुत महंगे है, तो हम सस्ते पलान वाली सेल्युलर कंपनी को चुन सकते है.
  • अगर हम वर्तमान सर्विस प्रोवाइडर के खराब नेटवर्क, महंगे प्लान, और कम फीचर्स आदि से परेशान है, तो हम दूसरा सर्विस प्रोवाइडर को चुन कर अधिकतम सात दिन में ही इस परेशानी से छुटकारा पा सकते है.

मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कराने के नुकसान क्या है

  • अगले 90 दिन तक आप सर्विस प्रोवाइडर को चेंज नहीं कर सकते.
  • अगर आपके पुराने मोबाइल सिम कार्ड नंबर में कोई डाटा बैलेंस (Data Balance) या रिचार्ज कराए हुए पैसे मौजूद थे, तो वो सब खत्म हो जाएंगे. और इसका फायदा हमे नये मोबाइल सिम कार्ड में नहीं मिलेंगा. हमे दोबारा से रिचार्ज (Recharge) कराना होगा.
  • बैलेंस आदि चैक करने के लिये नये कोड्स (New Codes) को याद करना पड़ेगा.

ये थे मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कराने के कुछ फायदे और नुकसान. इनके अलावा भी बहुत से फायदे और नुकसान हो सकते है. अपना कोई भी मोबाइल नंबर पोर्ट कराने से पहले हमे पूरी जानकारी होनी चाहिये कि मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कैसे करे, मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करने का सही तरीका क्या है, मोबाइल सिम कार्ड नंबर की सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) को कैसे बदले, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) कैसे करे.

वैसे कोई भी इंसान अपने वर्तमान मोबाइल सिम कार्ड नंबर (Current Mobile Sim Card Number) को तभी पोर्ट करवाता है, जब वह अपने सर्विस प्रोवाइडर के खराब नेटवर्क, कम फीचर्स, और महंगे प्लान से परेशान हो जाता है. इसलिये दूसरी सेल्युलर कंपनी में अपना मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के बाद अधिकतर लोगो को फायदा ही होता है.


मै उम्मीद करता हूं इस पोस्ट पढ़कर आप जान गए होंगे कि मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) कैसे करे, मोबाइल नंबर पोर्ट (Mobile Number Port) करने का सही तरीका क्या है, मोबाइल सिम कार्ड नंबर की सेल्युलर कंपनी (Cellular Company) को कैसे बदले, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) कैसे करे.

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